अम्बे दुर्गे महाकाली नारायणी भजन लिरिक्स

अम्बे दुर्गे महाकाली नारायणी भजन लिरिक्स

अम्बे दुर्गे महाकाली नारायणी,जगदम्बे नमो सर्वसुखदायिनी,शेरोवाली माँ मुझपे कृपा कीजिये,दास चरणों का मुझको बना लीजिये।। तर्ज – अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं। श्रद्धा भक्ति से तुमको बुलाते है हम,श्रद्धा भक्ति से तुमको बुलाते है हम,शीश तेरे चरण में झुकाते है हम,अंबे दुर्गे महाकाली नारायणी,जगदम्बे नमो सर्वसुखदायिनी।। दीन दुखियों के दुखड़े मिटाती हो तुम,दीन दुखियों के दुखड़े … Read more

समर चली महाकाली माता भजन लिरिक्स

समर चली महाकाली माता भजन लिरिक्स

समर चली महाकाली,समर चलीं महाकाली,काला खप्पर हाथ धरे माँ,मुंडन माला डाली,समर चलीं महाकाली,समर चलीं महाकाली।। ये भी देखें – माई समर के लाने आई हो। एक हाथ में खडग धरे माँ,दूजे त्रिशूल है धारी,तीजे में है चक्र सुदर्शन,चौथे कटार संभाली,समर चलीं महाकाली,समर चलीं महाकाली।। आँखों से चिंगारी छोड़े,मुंह से निकले ज्वाला,थर थर कांपे देखो असुरदल,ऐसी … Read more

काल क्या करेगा महाकाल के आगे भजन लिरिक्स

काल क्या करेगा महाकाल के आगे भजन लिरिक्स

काल क्या करेगा महाकाल के आगे,कर लूँगा दो दो बात मैं,उस काल के आगे,वो काल क्या करेगा महाकाल के आगे।। रुतबा है भोलेनाथ का देवो के है अफ़सर,बैठे है समाधी में वो गौरा के है हर हर,चम चम चमकता चन्द्रमा शिव भाल के आगे,फ़िके पडे सब हार मुंडमाल के आगे,काल क्या करेगा महाकाल के आगे।। … Read more

जय बोलो महाकाल की भजन लिरिक्स

जय बोलो महाकाल की भजन लिरिक्स

जय बोलो महाकाल की, दोहा – आदिदेव महादेव का,जो करते है गुणगान,जनम मरण का उनको निज ही,हो जाता सब ज्ञान।काल से रक्षा करते,शिवजी काटे सब जंजाल,हरपल भजते रहो रे भक्तो,जय जय जय महाकाल। आओ मिलकर गाये महिमा,हम कालो के काल की,जय बोलो महाकाल की जय बोलो,जय बोलो महांकाल की जय बोलो,दसो दिशाओ में होती,जयकार यहाँ … Read more

महाकाल बाबा क्षिप्रा किनारे तुम्हे जल चढ़ाये सवेरे सवेरे

महाकाल बाबा क्षिप्रा किनारे तुम्हे जल चढ़ाये सवेरे सवेरे

महाकाल बाबा क्षिप्रा किनारे, तुम्हे जल चढ़ाये सवेरे सवेरे, इनकी आरती में जरा चल के देखो, भस्मी रमाये सवेरे सवेरे।। तर्ज – अरे द्वारपालों। सभी तीर्थो में क्षिप्रा बड़ी है, किनारे किनारे जमाते पड़ी है, और देवता भी आते है नहाने, जरा चल के देखो सवेरे सवेरे, महांकाल बाबा क्षिप्रा किनारे, तुम्हे जल चढ़ाये सवेरे … Read more

माँ पावा ते गढ़ थी उतरया रे महाकाली रे गरबा हिंदी लिरिक्स

माँ पावा ते गढ़ थी उतरया रे महाकाली रे गरबा हिंदी लिरिक्स

माँ पावा ते गढ़ थी उतरया रे,महाकाली रे,माड़ी वसाव्यु चांपानेर, पावागढ़ वाली रे,माड़ी वसाव्यु चांपानेर, पावागढ़ वाली रे,माँ पावा ते गढ़ थी उतरया रें,महाकाली रे।। माँ चांपा ते नेर ना चार चौता, रे महाकाली रे,ईया माळीड़े मांड्या हाट, पावागढ़ वाली रे,ईया माळीड़े मांड्या हाट, पावागढ़ वाली रे, माँडी माळीड़ो लावे फूलडा, रे महाकाली रे,माँडी माळीड़ो … Read more

पावागढ़ वाली मैया प्यारी दया करो महाकाली रे महाकाली चालीसा

पावागढ़ वाली मैया प्यारी दया करो महाकाली रे महाकाली चालीसा

पावागढ़ वाली मैया प्यारी, दया करो महाकाली रे,दया करो महाकाली रे।। ॐ नमो महाकाली रूपम, शक्ति तू ज्योत स्वरूपम रे, पावागढ़ वाली मैया प्यारी, दया करो महाकाली रे,दया करो महाकाली रे।। शुंभ निशूंभ को तुमने मारा, रक्तबीज को संहरा रे, दुष्टों को संहारने वाली, दया करो महाकाली रे,दया करो महाकाली रे।। सूरज चंदा मे रूप … Read more

काल की विकराल की करो रे मंगल आरती मृत्युंजय महाकाल की

काल की विकराल की करो रे मंगल आरती मृत्युंजय महाकाल की

काल की विकराल की,त्रिलोकेश्वर त्रिकाल की,भोले शिव कृपाल की,करो रे मंगल आरती,मृत्युंजय महाकाल की,करो रे मंगल आरती, मृत्युंजय महाकाल की,बाबा महाकाल की,ओ मेरे महाकाल की,करो रे मंगल आरती, मृत्युंजय महाकाल की।। पित पुष्प बाघम्बर धारी,नंदी तेरी सवारी,त्रिपुंडधारी हे त्रिपुरारी, भोले भव भयहारी,शम्भू दिन दयाल की,तीन लोक दिगपाल की,कैलाषी शशिभाल की,करो रे मंगल आरती, मृत्युंजय महाकाल … Read more

बाबा महांकाल की नगरी घणी प्यारी लागे भजन लिरिक्स

बाबा महांकाल की नगरी घणी प्यारी लागे भजन लिरिक्स

बाबा महांकाल की नगरी,घणी प्यारी लागे,घणी प्यारी लागे,म्हाने प्यारो प्यारो, क्षिप्रा जी को पानी लागे,म्हाने प्यारो प्यारो, क्षिप्रा जी को पानी लागे।। तर्ज – मीठे रस से भरयो री। राम घाट पे नहई ने देखूं,राम मंदिर अति सुन्दर,वहां से थोड़ा आगे चालू,विक्रम जी को मंदिर,मैया हरसिद्धि की शोभा,सुखखानी लागे, सुखखानी लागे,म्हाने प्यारो प्यारो, क्षिप्रा जी … Read more

ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो शिव भजन लिरिक्स

ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो शिव भजन लिरिक्स

ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो,गुण के आगार सत्यम् शिवम् सुंदरम्,कर में डमरू लसे चंद्रमा भाल पर,हो निराकार सत्यम् शिवम् सुंदरम्।। हैं जटा बीच मंदाकिनी की छटा,मुंडमाला गले बीच शोभित महा,कंठ में माल विषधर लपेटे हुए,करके सिंगार सत्यम् शिवम् सुंदरम्।। बैठे कैलाश पर्वत पर आसन लगा,भस्म तन पर हो अपने लगाए हुए,है तुम्हारी निराली … Read more

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