मुक्ति का कोई तु जतन करले भजन लिरिक्स

मुक्ति का कोई तु जतन करले, 
रोज थोड़ा थोड़ा हरी का भजन करले।
मुक्ति का कोई तु।। 



भक्ति करेगा तो बड़ा ही सुख पाएगा,

भक्ति से आत्मा का मैल छूट जाएगा, 
आत्मा के साथ साथ मन करले रे,
रोज थोड़ा थोड़ा हरी का भजन करले।
मुक्ति का कोई तु।। 



संगत कर अच्छे लोगों की,

दवा मिल जाएगी सभी रोगों की, 
ज़िंदगी को अपनी चमन करले रे,
रोज थोड़ा थोड़ा हरी का भजन करले।
मुक्ति का कोई तु।। 



मुक्ति का कोई तु जतन करले, 

रोज थोड़ा थोड़ा हरी का भजन करले।
मुक्ति का कोई तु।। 


You May Also Like  प्रथम गणराज को सुमिरूँ जो रिद्धि सिद्धि दाता है भजन लिरिक्स
close