घनश्याम मुरलिया वाले की तस्वीर उतारा करते है भजन लिरिक्स

घनश्याम मुरलिया वाले की,
तस्वीर उतारा करते है,
उस चक्र सुदर्शन धारी की,
तस्वीर उतारा करते है।।



जहर पियाला राणा ने भेज्यो,

पीवत मीरा हासी रे,
अमृत को बनाने वाले की,
तस्वीर उतारा करते है।

घनश्याम मुरलिया वाले की,
तस्वीर उतारा करते है,
उस चक्र सुदर्शन धारी की,
तस्वीर उतारा करते है।।



भरी सभा में द्रोपती ठाड़ी,

खींचत चिर दुशाशन हारी,
उस चिर बढ़ाने वाले की,
तस्वीर उतारा करते है।

घनश्याम मुरलिया वालें की,
तस्वीर उतारा करते है,
उस चक्र सुदर्शन धारी की,
तस्वीर उतारा करते है।।



इंद्र ने कोप कियो ब्रज ऊपर,

बरसण लागो अम्बर से,
गिरिवर को उठाने वाले की,
तस्वीर उतारा करते है।

घनश्याम मुरलिया वालें की,
तस्वीर उतारा करते है,
उस चक्र सुदर्शन धारी की,
तस्वीर उतारा करते है।।


You May Also Like  हे काली माय गोर लगाई छी हुओं सहाय भोजपुरी भजन
close