अजब है तेरी माया इसे कोई समझ ना पाया लिरिक्स

अजब है तेरी माया,

दोहा – ऊँचे ऊँचे मंदिर तेरे,
ऊँचा है तेरा धाम,
हे कैलाश के वासी भोले,
हम करते है तुझे प्रणाम।



अजब है तेरी माया,

इसे कोई समझ ना पाया,
गजब का खेल रचाया,
सबसे बड़ा है तेरा नाम,
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ।।



अद्भुत है संसार यहाँ पर,

कई भूलेखे है,
तरह तरह के खेल जगत में,
हमने देखे है,
तू है भाग्य विधाता तेरे,
लेख सुलेखे है,
तू लिखने वाला है ये सब,
तेरे लेखे है,
अजब हैं तेरी माया,
इसे कोई समझ ना पाया,
गजब का खेल रचाया,
सबसे बड़ा है तेरा नाम,
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ।।



पारब्रह्म परमेश्वर तू है,

हर कोई माने रे,
सब तेरे बालक है क्या,
अपने बेगाने रे,
तू अंतर्यामी सबकी,
पीड़ा पहचाने रे,
सबके ही हृदय में बैठा,
घट घट की जाने रे,
अजब हैं तेरी माया,
इसे कोई समझ ना पाया,
गजब का खेल रचाया,
सबसे बड़ा है तेरा नाम,
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ।।



हे योगेश्वर योग से तुने,

जगत बनाया है,
तन पे तूने भस्म रमा के,
अलख जगाया है,
कही धुप के रंग सुनहरे,
कही पे छाया है,
तूने किया है वही जो तेरे,
मन को भाया है,
अजब हैं तेरी माया,
इसे कोई समझ ना पाया,
गजब का खेल रचाया,
सबसे बड़ा है तेरा नाम,
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ।।



अजब है तेरी माया,

इसे कोई समझ ना पाया,
गजब का खेल रचाया,
सबसे बड़ा है तेरा नाम,
भोलेनाथ भोलेनाथ भोलेनाथ।।

गायक – सुखविंदर सिंह।


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